
Friday, July 2, 2010
अब तो बरसो राम धड़ाके से

Sunday, May 9, 2010
नहीं रहे आचार्यश्री
Wednesday, April 28, 2010
देश से नहीं, खुद से गद्दारी

Sunday, April 25, 2010
पूर्ण आराम की सलाह
आस्था इसी का नाम है
Saturday, April 24, 2010
भई वाह, हर बार कमाल

ये हैं हमारे जाने-पहचाने जसपाल भट्टी साहब, हर बड़े मुद्दे को अपने अंदाज़ में उठाने के लिए मशहूर। याद है न आपको इनका फ्लॉप शो। वाही वाले। जब महंगाई मुद्दा बनती है तो ज़नाब अपने साथियों के साथ आलू प्याज की माला पहन-पहना कर निकाल पड़ते हैं और अब जबकि IPL हॉट मुद्दा बना हुआ है तो इसकी सच्चाई लेकर सड़क पर निकल पड़े। हालाँकि उन्होंने टीमो के नाम अपने हिसाब से ही तय किये हैं। उनका साथ देने में हर कोई आनंद का अनुभव करता है। यही तो है उनकी ताकत।
नफरत, गुस्सा और बेबसी
जयपुर में शुक्रवार को एक छात्रा ने खुद को आग लगाकर जान दे दी। उसने खुद को आग उस व्यक्ति के घर के सामने लगाई, जो उसे ब्लेकमेल कर रहा था। इस पूरे किस्से में नफरत, गुस्से और बेबसी की पराकास्ठा दिखाई देती है। उस छात्रा के पास शायद कोई रास्ता नहीं बचा था। सवाल यह उठता है कि आखिर हमारे राजस्थान में ऐसे वाकये क्यों होते रहते हैं। कभी जयपुर में शिवानी जडेजा के चेहरे पर सरेराह तेजाब दाल दिया जाता है। कभी अजमेर में छात्राओं की सीडी बनाकर ब्लेकमेल किया जाता है तो कभी नागौर में ऐसी ही घटना हो जाती है। क्यों नहीं हमारी सरकार आज तक ऐसे घिनौने अपराध करने वालों को कड़ा सबक नहीं सिखा पाई कि लोग ऐसा कुछ करने से पहले चार बार आगा-पीछा सोचने पर मजबूर हों।
ब्लेकमेल और शोषण की घटना न केवल किसी महिला का जीवन बर्बाद कर देती है, बल्कि हमारे समाज में उस परिवार को भी जीवन भर बिना किसी कसूर के सहानुभूति की बजाय ताने सुनने पड़ते हैं। जयपुर की घटना के बाद लोगो में गुस्सा फूट पड़ा, जो एक-दो दिन या कुछ ज्यादा दिनों में शांत भी हो जाएगा लेकिन पीड़ित परिवार को यह दंश जीवनभर झेलना पड़ेगा। यह मौका है की आगे ऐसी घटना न हो इसके लिए कदम उठा लिए जाये.
ब्लेकमेल और शोषण की घटना न केवल किसी महिला का जीवन बर्बाद कर देती है, बल्कि हमारे समाज में उस परिवार को भी जीवन भर बिना किसी कसूर के सहानुभूति की बजाय ताने सुनने पड़ते हैं। जयपुर की घटना के बाद लोगो में गुस्सा फूट पड़ा, जो एक-दो दिन या कुछ ज्यादा दिनों में शांत भी हो जाएगा लेकिन पीड़ित परिवार को यह दंश जीवनभर झेलना पड़ेगा। यह मौका है की आगे ऐसी घटना न हो इसके लिए कदम उठा लिए जाये.
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